पाली, 16 दिसम्बर। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत खेतों में सौर ऊर्जा पम्प स्थापित करना अब पहले की तुलना में सस्ता हो गया है। जीएसटी दरों में संशोधन के पश्चात सौर ऊर्जा पम्प संयंत्रों की कीमतों में कमी आई है, जिससे एक पम्प संयंत्र की स्थापना पर 4,209 रुपये से 7,811 रुपये तक की बचत होगी। इसका सीधा लाभ जिले के किसानों को मिलेगा।
उप निदेशक उद्यान डॉ. मनोज अग्रवाल ने बताया कि किसानों में सौर पम्पों के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2025-26 में पाली जिले को 800 सौर पम्प सेट स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे काश्तकारों को सिंचाई हेतु विद्युत आपूर्ति पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। सौर पम्प सेट स्थापना हेतु किसान संबंधित जिले के उप निदेशक उद्यान कार्यालय में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना अंतर्गत इकाई लागत का 60 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों को सौर पम्प स्थापना पर 45,000 रुपये का अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत 3, 5 एवं 7.5 एचपी क्षमता के सौर पम्पों पर अनुदान देय है। किसान अंश राशि क्रमशः 3 एचपी पर 96,770 रुपये, 5 एचपी पर 1,23,656 रुपये, 7.5 एचपी पर 1,73,626 रुपये तथा डीसी पर 2,05,397 रुपये निर्धारित है। शेष राशि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी। भारत सरकार के निर्देशों एवं उद्यान आयुक्तालय, जयपुर के पत्रांक 2925-3008 दिनांक 11.12.2025 की अनुपालना में समस्त श्रेणी एवं पम्प क्षमता (3, 5, 7.5 एवं 10 एचपी) के सौर ऊर्जा पम्प संयंत्रों के लिए नोटिस टू प्रोसिड (कार्यादेश) जारी करने की वैधता तिथि 31 दिसम्बर 2025 तक अनुमत है। योजना में आवेदन हेतु किसान के पास पूर्व से विद्युत कनेक्शन नहीं होना चाहिए। सामान्य वर्ग के किसानों के लिए न्यूनतम 0.4 हेक्टेयर (एक एकड़) तथा अनुसूचित जनजाति किसानों हेतु न्यूनतम 0.2 हेक्टेयर भूमि होना अनिवार्य है। किसान ई-मित्र केंद्र अथवा कृषि विभाग के राजकिसान साथी पोर्टल पर जनाधार या आधार नंबर के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ जमाबंदी, सिंचाई जल स्रोत का विवरण एवं विद्युत कनेक्शन नहीं होने का शपथ पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है। खेत में जल संग्रहण संरचना जैसे डिग्गी, फार्म पोंड अथवा जल हौज उपलब्ध होना चाहिए तथा बूंद-बूंद या फव्वारा पद्धति से सिंचाई की जा रही हो। भौतिक निरीक्षण के पश्चात ही आवेदन पर कार्यवाही की जाएगी। सौर पम्प सेट से किसानों को दिन के समय सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे रात्रिकालीन सिंचाई से होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी तथा कृषि कार्य अधिक सुगम एवं किफायती बनेगा।
————–
Author: Gautam Ujala
CHHAGAN LAL BHARDWAJ, Chief Additor, Pali( Rajsthan) mo-95090 70217


