रुपमुनि महाराज की जयंती हर्षोल्लास पूर्वक 



मनाई गई।
पाली ।नागौर कस्बे में शेरे राजस्थान लोक मान्य सन्त वरिष्ठ प्रर्वतक अहिंसा दिवाकर शेरे राजस्थान लोकमान्य रुपमुनि महाराज का 98 वां एवं गुरुदेव मिश्रीमल महाराज की 136वीं जन्म जयंती समारोह रुपमुनि सार्वजनिक धर्मशाला में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर भुवनेश मुनि महाराज ने बताया कि धर्मशाला में
भजन संध्या में संत कन्हैयालाल, प्रताप खौड ने एक से बढ़कर प्रस्तुतियां दी। राहुल राजस्थानी के नृत्य ने दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं शनिवार को सुबह 9 बजे सर्वधर्म विभूति पर्यावरण विद चरणों उपासक भुवनेश मुनी महाराज विश्रुतोदय कीर्ति सागर महाराज एवं जैन साध्वी ने प्रवचन से गुरुदेव रुपमुनी के संत जीवन के सत्य धर्म के मार्ग के उपदेशों से लाभान्वित किया
धर्मसभा के सम्बोधन में डॉ. भुवनेश मुनि द्वारा गुरूदेवद्वारा लोकमान्य संत रूपमुनि का जन्म दिवस अहिंसा दिवस के रूप मनाते हुए गुरूदेव द्वारा पशु बलि जैसी कुरितियां को बन्द करना, सनातन धर्म की पवितत्रा का दर्शन लाभ, जीव दया के असख्य केन्द्र सेंकड़ों से ज्यादा गौशाओं की स्थापना व संचालन छत्तीस कौम की कौमी एकता असहाय गरीबो की सेवा चिकित्सा सेवा के बहुउद्देशीय सेवा केन्द्रों की स्थापना पर प्रकाश डाला। इस द्रान अध्यक्ष जवेरीलालकटारिया, नथमल गांधी, महामंत्री जगदीश सिंह राजपुरोहित, व्यवस्थापक संजय जैन, हेमन्त जैन, लोकेश कुमार, रामलाल मोहबारसा, भैरूसिंह राजपुरोहित,परमानंद जौशी, किरीट कुमार, छगनलाल मेवाडा,कन्या देवी प्रजापत,पिताराम ग्यावत, मोहनसिह राजपुरोहित, राजेश वैष्णव,अमरसिंह राजपुरोहित आदि ने सहयोग किया। संचालन किरीट कुमार ने किया।
बाली/नागरिक अतिरिक्त पद पर नि कार्यग्रहण अभिनंदन अतिरि चैन सिह होने पर दी। सेवासमि चौहान बाली के समिति पहनकर अभिनन्दन किया गया।
(छगनलाल भारद्वाज प्रधान संपादक गौतम उजाला पाली)
Author: Gautam Ujala
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