*होटल एवं रेस्टोरेंट में सर्विस चार्ज वसूली को लेकर उपभोक्ता संरक्षण संबंधी निर्देश*
पाली, 24 सितम्बर। उपभोक्ता मामले विभाग, जयपुर से प्राप्त निर्देशों के क्रम में जिले के समस्त होटल, रेस्टोरेंट एवं संबंधित प्रतिष्ठानों को केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला रसद अधिकारी भवरसिंह राठौड़ ने बताया कि केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण की स्थापना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 10(1) के तहत उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन, अनुचित व्यापार प्रथाओं तथा आमजन एवं उपभोक्ताओं के हितों को प्रभावित करने वाले झूठे अथवा भ्रामक विज्ञापनों से संबंधित मामलों के विनियमन तथा उपभोक्ता अधिकारों के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रवर्तन के उद्देश्य से की गई है।
सीसीपीए द्वारा 4 जुलाई 2022 को होटल एवं रेस्टोरेंट में सर्विस चार्ज लगाए जाने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। इन दिशा-निर्देशों के अनुसार होटल एवं रेस्टोरेंट द्वारा उपभोक्ता के बिल में किसी भी प्रकार का सर्विस चार्ज स्वतः अथवा डिफॉल्ट रूप से नहीं जोड़ा जाएगा। सर्विस चार्ज किसी अन्य नाम से भी वसूल नहीं किया जाएगा। उपभोक्ता को सर्विस चार्ज का भुगतान करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकेगा तथा उसे स्पष्ट रूप से बताया जाना आवश्यक है कि सर्विस चार्ज का भुगतान पूर्णतः स्वैच्छिक एवं उसकी इच्छा पर निर्भर है।
दिशा-निर्देशों के अनुसार यदि कोई उपभोक्ता सर्विस चार्ज का भुगतान नहीं करता है तो इसके आधार पर उसे प्रतिष्ठान में प्रवेश अथवा उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं से वंचित नहीं किया जा सकता। साथ ही, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की गणना के लिए भोजन के बिल में सर्विस चार्ज को शामिल नहीं किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया एवं अन्य बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य प्रकरण में 28 मार्च 2025 को दिए गए निर्णय में सीसीपीए द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को उचित ठहराया गया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सर्विस चार्ज अथवा टिप उपभोक्ता द्वारा अपनी इच्छा से दिया जाने वाला भुगतान है तथा इसे अनिवार्य अथवा बाध्यकारी नहीं बनाया जा सकता।
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि सर्विस चार्ज की अनिवार्य एवं जबरन वसूली उपभोक्ता हितों के विपरीत है तथा उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है। सर्विस चार्ज को अलग-अलग नाम अथवा शब्दावली के माध्यम से वसूल करना भ्रामक एवं अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है तथा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(47) के तहत इसे अनुचित व्यापार प्रथा माना गया है।
जिले के समस्त होटल, रेस्टोरेंट एवं संबंधित प्रतिष्ठानों से सीसीपीए द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं माननीय न्यायालय के निर्णय की पालना सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया है। निर्देशों का उल्लंघन पाए जाने पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम एवं प्रचलित नियमों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Author: Gautam Ujala
CHHAGAN LAL BHARDWAJ, Chief Additor, Pali( Rajsthan) mo-95090 70217



