पाली। पाली लाखोटिया तालाब की चादर, बरसात के पानी की औवर फलो पर पानी की निकासी का ओटा बहुत चौडाई मे विमान था। और अग्रसेन वाटिका बनी हुई है। उसके नगर निगम द्वारा धोबी घाट बना कर दिया गया था।कुछ समय धौबी घाट सुचारु चला, भी और आज क्षतिग्रस्त हालात मे कोई सुधार नही। उसके बाद ओटा को एक सीमित नाला का रूप धारण कर लिया जाता है। और एक शयामा हाथी की मौत, फिर समाधि, के नाते जमीन पर स्थायी कब्जा, तो उसके गणेश विसर्जन, और चौपाटी की योजना, तो चादर वाले बालाजी मंदिर,जिला कलेक्टर लक्ष्मी नारयण मंत्री को लिखित मे ज्ञापन, पूर्व पार्षद ताराचंद टाँवरी महेद्र वैष्णव, घेवरचंद पटेल के नेतृत्व मे ज्ञापन दिया गया। और तारबंदी। अब देखते हैं कि ऊँट किस करवट बैठता है? (छगनलाल भारद्वाज प्रधान सम्पादक गौतम उजाला पाली) मो-95090 70217
Author: Gautam Ujala
CHHAGAN LAL BHARDWAJ, Chief Additor, Pali( Rajsthan) mo-95090 70217


