*सफलता की कहानी*
*मां और नवजात की मुस्कान बनी डॉक्टरों की सबसे बड़ी जीत, हाई रिस्क गर्भवती को मिला नया जीवन*
*यह कहानी केवल एक सफल प्रसव की नहीं, बल्कि समय पर उपचार, संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाओं और समर्पित चिकित्सकीय टीम द्वारा एक परिवार की खुशियां सुरक्षित रखने की मिसाल है।*
सोजत सिटी (पाली),16 जुलाई 2026/ कभी-कभी समय पर मिला उपचार केवल एक मरीज की जान नहीं बचाता, बल्कि पूरे परिवार की खुशियां लौटा देता है। ऐसा ही एक भावुक और प्रेरणादायक उदाहरण पाली जिले के सोजत सिटी जिला अस्पताल में देखने को मिला, जहां लूणावास गांव निवासी संतोष की हाई रिस्क गर्भावस्था को चिकित्सकों की मेहनत, धैर्य और समर्पण ने सुरक्षित मातृत्व की सफलता में बदल दिया।
संतोष जब अस्पताल पहुंचीं, तब उनका हीमोग्लोबिन मात्र 7.7 ग्राम/डीएल था। खून की गंभीर कमी के कारण मां और गर्भस्थ शिशु दोनों की जान को खतरा था। चिकित्सकों ने बिना समय गंवाए उन्हें हाई रिस्क श्रेणी में भर्ती कर उपचार शुरू किया। एफसीएम (FCM) इंजेक्शन एवं निरंतर चिकित्सकीय देखरेख से उनका हीमोग्लोबिन बढ़कर 10.4 ग्राम/डीएल तक पहुंच गया।
प्रसव पीड़ा शुरू होने पर वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक गहलोत ने पूरी टीम के साथ सावधानीपूर्वक उपचार किया। चिकित्सकीय निगरानी और पारंपरिक भारतीय पद्धति के समन्वय से संतोष का सफल सामान्य प्रसव कराया गया। कुछ ही देर में अस्पताल परिसर नवजात की पहली किलकारी से गूंज उठा और मां-बच्चा दोनों सुरक्षित रहे।
अस्पताल के पीएमओ डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि संतोष पहले से चार बच्चों की मां हैं और यह उनकी पांचवीं डिलीवरी थी। गंभीर एनीमिया के कारण यह गर्भावस्था अत्यंत चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन समय पर उपचार और स्वास्थ्य टीम के समर्पित प्रयासों ने संभावित खतरे को खुशियों में बदल दिया।
मां और नवजात को सुरक्षित देखकर परिजनों की आंखों में राहत और खुशी साफ झलक रही थी। परिवार ने चिकित्सकों और पूरे अस्पताल स्टाफ का आभार व्यक्त किया तथा डॉक्टरों की सलाह पर स्थायी परिवार नियोजन (नसबंदी) कराने का निर्णय भी लिया। पाली सीएमएचओ डॉ विकास मारवाल ने बताया कि
इस सफलता में डॉ. पुष्पेंद्र, डॉ. हिमांशी, स्टाफ नर्स स्मिता, शंभूदयाल, सरोज, अनीता, अंजना तथा लेबर रूम के समस्त स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह कहानी केवल एक सफल प्रसव की नहीं, बल्कि समय पर उपचार, संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाओं और समर्पित चिकित्सकीय टीम द्वारा एक परिवार की खुशियां सुरक्षित रखने की मिसाल है।
Author: Gautam Ujala
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