पाली। पाली दिनांक 1 फरवरी रविवार माघ शुक्ल पूर्णिमा को संत रविदास सर्किल पर उनकी प्रतिमा पर मार्त्यापण कर वाहन रैली व शोभायात्रा बैण्ड बाजों के साथ समाज के महिला व पुरूष नाचते-गाते हुए और संत शिरोमणि रविदासजी के नारे लगाते हुए रैगर समाज सूरजपोल से सैंकड़ों की संख्या में शोभायात्रा रवाना हुई जो सूरजपोल होते हुए अम्बेडकर सर्किल पर समिति के अध्यक्ष ताराचन्द कुर्डिया ने अम्बेडकर प्रतिमा पर माला पहनाकर श्रृद्धा सुमन अर्पित किए। वहां से गांधी मूर्ति होते हुए सुभाष सर्किल रेल्वे स्टेशन होते हुए संत रविदास सर्किल पर पहुँच कर समाज के लोगों द्वारा उनकी प्रतिमा पर माला पहनाकर श्रृद्ध सुमन अर्पित किये। यह जानकारी देते हुए समारोह समिति प्रवक्ता रामलाल चौहान ने बताया कि संत शिरोमणि समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व विधायक ज्ञानचन्द पारख, पूर्व नगर परिषद सभापति महेन्द्र बोहरा, पूर्व पार्षद अशोक बाफना, पूर्व प्रदेश मंत्री गणपत मेघवाल, मोर्चा महामंत्री मनोहर जाम, मोर्चा जिला प्रवक्ता मनीष जावा, रामचन्द्र तुषावरा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिशुपालसिंह निम्बाड़ा, ब्लॉक कांग्रेस शहर अध्यक्ष हकीम भाई. पूर्व पार्षद मेहबूब टी, जन अभाव प्रकोष्ठ अध्यक्ष अशोक कुलदीप, पूर्व सभापति राकेश भाटी नगर विकास न्यास सहायक अभियन्ता अश्विनी कुमार सिंघाड़िया, अखिल भारतीय रैगर महासभा के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश भट्ट, रैगर समाज सेवा संस्थान पाली के अध्यक्ष देवेन्द्र मौर्य सहित अनेक प्रतिनिधियों ने उपस्थिति दी। समारोह में मंच संचालन मदनलाल चंगेरीवाल व देवेन्द्र मौर्य ने किया। समिति के अध्यक्ष ताराचन्द कुड़िया ने बताया कि इस कार्यक्रम में जन प्रतिनिधियों, वार्ड अध्यक्षों, पत्रकार बन्धुओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं का साफा पहनाकर, मोमेन्टों प्रदान कर व दुपट्टा पहनाकर बहुमान किया गया। इसी कम में पूर्व विधायक ज्ञानचन्द पारख, पूर्व सभापति महेन्द्र बोहरा द्वारा रैगर समाज के बन्धुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि रैगर समाज के लोगों में शिक्षा के अभाव को देखते हुए शिक्षा पर जोर देने व बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओं का नारा देते हुए उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि रविदासजी महाराज ने समाज को एक नई दिशा प्रदान की है उन्होंने समाज में फैले जातिवाद का विरोध किया और सभी मनुष्यों को समान माना। उनका मानना था कि भक्ति को सिर्फ पूजा तक सीमित न रखें बल्कि इसे अपने कर्मों में भी उतारे। उन्होंने सिखाया कि सादगी व ईमानदारी ही असली धन है। उनका कहना था कि प्रेम ही सब कुछ है और प्रेम ही ईश्वर है। उनका मानना था कि आत्मा की शुद्धता ही असली पूजा है। इसी कम में पूर्व सभापति महेन्द्र बोहरा ने रैगर समाज के लोगों को सम्बोधित करते हुए संत शिरोमणि रविदासजी महाराज ने मन चंगा तो कठौति में गंगा अगर मन शुद्ध है तो बाहरी साधनों की जरूरत नहीं है। व्यक्ति का मूल्य उसकी जाति से नहीं बल्कि उसके गुणों से होता है। उन्होंने कहा कि मैं ऐसा राज चाहता हूँ जहां सभी को भरपेट भोजन मिले। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष ताराचन्द कुर्डिया, उपाध्यक्ष भीकमचन्द नोगिया, महासचिव मदनलाल चंगेरीवाल, सचिव दिपेश जागरीवाल, कोषाध्यक्ष सुनिल चौरोटिया, सह कोषाध्यक्ष सुरेश तंवर, सह संयोजक माणकचन्द कुर्डिया, सोहनलाल सुखाड़िया, खेताराम मौसलपुरिया, धनराज सुखाड़िया, दुर्गाराम बालोटिया, हंसराज सोनीवाल, खेमचन्द चौहान, राकेश जाटोलिया, ताराचन्द तिगाया, केवलचन्द चौहान, बंशीलाल कुर्डियश, अशोक सिंघाड़िया, धनराज सुखाड़िया, राजेश बालोटिया, रामेश बोहरा, रामलाल चौहान, कैलाश भंसाली, विनोद भंसाली, सुरेश मौर्य, प्रमोद नवल, सुरेश सुखाड़िया, प्रेम कुलदीप, सुनील खोरवाल, पारसमल मौर्य, अशोक कुमार भट्ट, मनीष तिलक बालोटिया, श्रीपाल सोनीवाल, गोविन्द तुनगरिया, माणकचनद मोर्य, दौलत खन्ना, सोहनलाल नवल, राजकुमार मुण्डोतिया, गोविन्द बालोटिया, डूंगाराम मोर्य, छगनलाल नवल आदि समाज बन्धुओं का सहयोग रहा।
Author: Gautam Ujala
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