*मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में मजबूत हुआ*
*—सामाजिक सुरक्षा का कवच*
*—अंत्योदय को संबल, संवेदनशील शासन की पहचान बनी सामाजिक सुरक्षा पेंशन*
*—मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विगत दो वर्षों में 1 हजार से बढ़ाकर*
*—पेंशन राशि को किया 1450 रुपए प्रतिमाह*
जयपुर, 9 मार्च। राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में कई महत्वपूर्ण और प्रभावी निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं को निरंतर सुदृढ़ किया गया है, जिससे प्रदेश के लाखों जरूरतमंद नागरिकों को आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का भरोसा मिला है।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के संवेदनशील और प्रभावी नेतृत्व वाली राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के अनुरूप सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि में चरणबद्ध तरीके से वृद्धि की गई है। वर्ष 2024 में पेंशन राशि 1000 रुपये प्रतिमाह थी, जिसे बढ़ाकर 1150 रुपये किया गया। इसके बाद वर्ष 2025 में इसे 1250 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया। जनवरी 2026 में इसे बढ़ाकर 1300 रुपये प्रतिमाह किया गया और अब राज्य सरकार ने इसे बढ़ाकर 1450 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। इस प्रकार विगत दो वर्षों में पेंशन राशि में 450 रुपये की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
*91 लाख से अधिक लाभार्थियों को मिल रहा लाभ*
प्रदेश में वर्तमान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत 91 लाख से अधिक लाभार्थियों को नियमित पेंशन प्रदान की जा रही है। इनमें वृद्धजन, विधवा एवं एकल नारी, विशेष योग्यजन (दिव्यांगजन) तथा लघु एवं सीमांत कृषक शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को न्यूनतम आर्थिक सहारा उपलब्ध कराना है, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकें। जनवरी 2026 की पेंशन के बिल भी तैयार कर ईसीएस के लिए भेज दिए गए हैं, जिससे जल्द ही यह राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा हो जाएगी।
*डीबीटी से पारदर्शी और समयबद्ध भुगतान*
मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार ने पेंशन भुगतान व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) प्रणाली को अपनाया है। इसके तहत पेंशन राशि सीधे लाभार्थियों के जनाधार पंजीकृत बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती है। इस व्यवस्था से भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी बनी है और लाभार्थियों को समय पर पेंशन राशि प्राप्त हो रही है।
*तकनीक आधारित पारदर्शी पेंशन प्रणाली*
राज्य सरकार ने पेंशन व्यवस्था को तकनीक से जोड़ते हुए इसे सरल और नागरिक-अनुकूल बनाया है। पेंशन से जुड़ी संपूर्ण प्रक्रिया को ऑनलाइन और पेपरलेस किया गया है। जनआधार आधारित सत्यापित डेटा के माध्यम से आवेदन, स्वीकृति और भुगतान की प्रक्रिया संचालित की जा रही है, जिससे पात्र व्यक्ति स्वयं, मोबाइल ऐप या ई-मित्र केंद्र के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
*सत्यापन प्रक्रिया को बनाया सरल*
यह श्री शर्मा की ही दूरदर्शी सोच है कि पेंशन लाभार्थियों के वार्षिक सत्यापन की प्रक्रिया को भी निरंतर सरल बनाया गया है। लाभार्थी बायोमेट्रिक, प्रमाणीकरण, मोबाइल ऐप तथा ओटीपी आधारित प्रणाली के माध्यम से अपना सत्यापन करवा सकते हैं। यदि किसी कारणवश बायोमेट्रिक सत्यापन संभव नहीं हो पाता, तो संबंधित अधिकारी के समक्ष दस्तावेजों के सत्यापन के बाद स्वयं अथवा संबंधित पेंशन स्वीकृतिकर्ता अधिकारी के आधार पंजीकृत मोबाइल पर ओटीपी के माध्यम से भी सत्यापन किया जा सकता है।
*बैंकिंग तकनीकी समस्याओं के समाधान के प्रयास*
बैंकों के विलय के कारण आईएफएससी कोड बदलने से कुछ लाभार्थियों की पेंशन अस्थायी रूप से लंबित हो गई थी। राज्य सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए विशेष प्रयास किए हैं और अधिकांश लाभार्थियों की पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जा चुका है। भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए बैंकिंग संस्थाओं और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर पेंशन पोर्टल पर बैंक वितरण संबंधी डाटा अद्यतन करने की प्रक्रिया पर भी कार्य किया गया है।
*कमजोर वर्गों को मिल रहा सम्मान और सुरक्षा*
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को आत्मसम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व प्रदान करना भी है। केंद्र तथा राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं मिलकर इस उद्देश्य को साकार कर रही हैं।
*अंत्योदय की भावना को सशक्त करता निर्णय*
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज में अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन में लगातार वृद्धि और पारदर्शी भुगतान व्यवस्था इस प्रतिबद्धता को मजबूत बनाती है। पेंशन राशि में हुई यह वृद्धि प्रदेश के लाखों परिवारों के लिए आर्थिक स्थिरता, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन रही है।……………………….
*महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में योग्य शिक्षकों की नियुक्ति करेंगे – शिक्षा मंत्री*
जयपुर, 9 मार्च। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश में पूर्ववर्ती सरकार द्वारा बड़ी संख्या में विद्यालयों को महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय (अंग्रेजी माध्यम) में रूपांतरित कर दिया गया था, लेकिन वहां शिक्षकों के पद सृजित नहीं किए गए। वर्तमान सरकार ने इस स्थिति को सुधारते हुए आवश्यकतानुसार पद सृजित किए हैं और साक्षात्कार के माध्यम से योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार आवश्यकता के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति कर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुव्यवस्थित करेगी।
शिक्षा मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक महन्त बालकनाथ द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने कहा कि गत सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्तर तक के कुल 3 हजार 737 विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों में परिवर्तित किया गया था। अकेले लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र में ही 203 विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम में परिवर्तित कर दिया गया था। इन विद्यालयों में शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई और कुछ स्थानों पर ऐसे शिक्षक लगाए गए जो स्वयं अंग्रेजी माध्यम से शिक्षित नहीं थे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए बस की सुविधा का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन यदि इस संबंध में प्रस्ताव प्राप्त होगा तो उस पर विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कई विद्यालय संचालन की दृष्टि से व्यवहार्य नहीं हैं। इनमें कुछ विद्यालयों में 10 से भी कम विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। कहीं कहीं यह संख्या शून्य भी है।
इससे पूर्व शिक्षा मंत्री ने मूल प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रदेश में वर्तमान में 3737 महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय (अंग्रेजी माध्यम) तथा 134 स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल संचालित हैं। उन्होंने इन विद्यालयों का ब्लॉकवार एवं जिलेवार विवरण सदन के पटल पर रखा।
उन्होंने इन विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की कक्षावार संख्या का विवरण तथा इन विद्यालयों में हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम में कार्यरत शिक्षकों का जिलेवार संख्यात्मक विवरण भी सदन के पटल पर रखा।
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*मारवाड़ जंक्शन के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का बनेगा नया भवन – चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री*
जयपुर, 9 मार्च। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि मारवाड़ जंक्शन विधान सभा क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिए नया भवन बनाएंगे। निर्माण कार्यों के लिए शीघ्र ही निविदा जारी की जाएगी।
सदस्य श्री केसाराम चौधरी के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने जवाब दिया। उन्होंने बताया कि यहां का पुराना भवन जर्जर होने से सुरक्षित नहीं है। साथ ही मरीजों की संख्या अनुसार भी पर्याप्त नहीं है। इसे देखते हुए नया भवन तैयार किया जाएगा। उन्होंने सदन में आश्वस्त किया कि सीएससी के निर्माण कार्यों को भी समयबद्धता से पूरा करेंगे।
श्री खींवसर ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरने के लिए भी आदेश जारी कर दिए गए हैं। नर्सिंग सहित अन्य कार्मिकों के पदों पर भी जल्द नियुक्ति के प्रयास किए जाएंगे।
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: *जिला जन अभाव अभियोग एवं सतर्कता समिति की बैठक 19 मार्च को*
पाली, 09 मार्च। राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिला जन अभाव अभियोग एवं सतर्कता समिति, पाली की माह मार्च 2026 की बैठक गुरुवार 19 मार्च 2026 को प्रातः 11:00 बजे भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र, जिला कलेक्ट्रेट पाली के सभागार में आयोजित की जाएगी।
यह जानकारी जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश चौधरी ने दी।
Author: Gautam Ujala
CHHAGAN LAL BHARDWAJ, Chief Additor, Pali( Rajsthan) mo-95090 70217


