ग्राम मांडावास तहसील रोहट जिला पाली ,पुलिस थाना जैतपुर जिला पाली (राजस्थान) आज दिनांक 2 फरवरी 2026 को सुबह करीब 6,7बजे मै ममता व मेरे पति गणपतलाल अपनेघर पर ही थे। मेरे पति गणपति जो हमारे मकान के बाहर की तरफ लगी किराणे की दुकान एवं जनरल सटोर पर व पंचर की द्वादुकान खौलने के लिए गये। इतने मे पाली जिला आबकारी पुलिस दो वाहन मे सभी आबकारी जाता आये, और आते ही मेरे पति गणपत जी को मेरे पति को बिना किसी कारण मुख्य रूप से सी आई संजय अखावत बिना वर्दी मे आये, और आते ही माँ बहिन की गांलिया बोलने लगे। तब हम दोनो चिलाने लगे तो ग्रामवासी किसनाराम, भंवरलाल, लीला देवी, सपना, हीराराम
वगैरा आये, और पूछने लगे
कहां जा रही महिलाएं आई तो इनके साथ भी तक की पति के सिर पर शाहीवार किया बहने लगा पति वहीं पर गिर गये पी. इस बार आबकारी पुलिस ली में जिससे आधी गंभीर चोटे आई व सिर से खून पायल हो गये. इसी विच वहां मौजूद वनकी भी डराया धमका तथा मेरे पति को आभारी पुलिस आई थी. माग गरी ताकारी पुलिस ने जैतपुर पुलिस को मोक पर भेजा तथा मेरे पति की पीतपुर भांजी से सना काफी देर रोक रखा इसके बाद जैतपुर पुलिस ने मेरे पति को रोहट अस्पताल लेकर गये, तथा पटटी कराई व सिर में
गंभीर चोटे आने से 10-12 टांके आये. तथा मेरे जेठ बगेरा रोहट अस्पताल पहुंचे मगर
जैतपुर पुलिस मेरे पति को पुनः जैतपुर थाने ले गये, तथा अब भी जैतपुर में थाने में बिना चजह बिना किसी कारण, बिना अपराध के सिदे-सादे मेरे पति को रोके रखा है. इस प्रकार आबकारी पुलिस, पाली व जैतपुर पुलिस थाने वालो ने मिलीभगत कर मेरे पति को गंभीर चोटे पहुंचाई व थाने में बिठाकर रखा है।
श्रीमान मेरे पति के सिर में गंभीर चोटे है जिनकी पाली अस्पताल नहीं लाकर रोहट अस्पताल लेकर गये है व मेरा पति अब भी जैतपुर थाने में है व मिलने नहीं दे रहे है व इनकी तबीयत बहुत खराब है. उल्टा पुलिस राजकार्य में बाधा व अवेध शराब का धंधा करने का मुकदमा बनाने की धमकीयां दी जा रही है मैं व मेरा परिवार सदमें है, आबकारी पुलिस व पुलिस थाना, जैतपुर वाले न तो मेरे पति को छोड़ रहे है व न ही गंभीर चोटो को देखते हुये ईलाज हेतु बड़े अस्पताल ले जा रहे है, आबकारी विभाग केसीलाई संजय अखावत मेरे पति से दुश्मनी रखते है व पूर्व में भी उक्त सीआई द्वारा झूठे मुकदमों में फंसाया जा चुका है।
अतः परिवाद पेश कर श्रीमानजी से निवेदन है कि इनके विरूद्ध सक्त से सक्त कानूनी कार्यवाहीं कराकर न्याय दिलावे व मेरे पति को राहत प्रदान करावे।
नीस 02.03.2036
Author: Gautam Ujala
CHHAGAN LAL BHARDWAJ, Chief Additor, Pali( Rajsthan) mo-95090 70217


