पाली जिला महर्षि गौतम सुत सेवा समिति (रजि.) गौतममाश्रम भवन शक्ति नगर पाली कहने को तो रजिस्टर्ड संस्था है। लेकिन अभी वर्तमान में नाम मात्र, चंद लोगों के द्वारा संचालित की जाती है। जब विगत होली चारोली मे चुनाव आयुक्त द्वारा चुनाव संपन्न करवाने पर कुछ लोगो ने आज दीन तक चुनाव आयुक्त को ऐलानिया धमकी देते रहे, और नोटीस बाजी तक की गई है। और चुनाव निष्पक्ष नही हुये। यह पूरे साल तक नाक मे दम कर दिया गया था।और आम सदसयो सूचना नही देने की बात करते रहे। और अधयक्ष को हटा भी दिया गया। और कुछ लोगो को निलंबित भी कर दिया गया है। और अभी अभी एक मन मर्जी से पांच आदमियो ने संविधान संशोधन विधेयक पारित करेगी उसकी भी धमकीया दी जाती रही है। और अभी अभी अध्यक्ष के उपर, कार्यकारी अधयक्ष को मनोनित भी किया गया। ऐसा आज 20 फरवरी 2026 के अखबार मे भी प्रकाशितकिया गया है। तो जो पहले चंद लोग संविधान के अनुरूप कार्य नही होने की दुहाई देने वाले, आज खुद कया कर रहे है। और यह भी पुरा समाज देख रहा है। और एक साल पुर्व होली के बाद चुनाव आयुक्त द्वारा चुनाव संपन्न करवाये गये थे। जिसमे चुनाव आयुक्त के साथ आज वरिष्ठ संरक्षण समिति और संविधान समिति मे शामिल है, वोलोगगो मै से दो लोग शामिल थे। और आज कौनसा सुचना आम सदसयो को दी गई। और कहाँ आम बैठक ली ग ई। यह सब शायद संविधान के तहत कार्य संचालित हो रहा है। कया समिती के आम सदसयो की उपसथिती या सहमति से समिती का संचालन किया जा रहा है। यक्ष विचारणीय बिंदु है। और इस पर आम समिति के सदसयो
सभी को ध्यान आकृर्षित करना भी अनिवार्य है। यह रजिस्टर्ड समिती है। यानी पाली जिला महर्षि गौतम सुत सेवा समिति (रजि. 1975-76)संचालित है।और हम भी इसी समिति के पूर्व अध्यक्ष उपाधयक्ष, महामंत्री, विधिमंत्री, योजना मंत्री व तकरीबन सभी पदों पर 1978 से 2026 तक सक्रिय है। हमने आज का इतिहास सुनहरे अक्षरो मे लिखा जाने को मजबूर होकर, और एक संपादक के नाते, सबका ध्यान आकृषित करवाना चाहता हूँ। वरना इस समिति का अधयक्ष रह चुका हूँ। और अध्यक्ष से ऊपर कोई पद नही होता है। और हमने तो बहुत पहले से समिति के आज के बाद किसी भी पद पर नही रहने की घोषणा करता हूँ। हांलाकि हम तो अखिल भारतवर्षषिय श्री गुर्जरगौड ब्राह्रामण महासभा का पदाधिकारी होने के नाते भी भारत की सभी संसथाओ के बारे मे लिखने का अधिकार सुरक्षित है। और संपादक होने के नाते भी भारत सरकार ने भी संवैधानिक अधिकार सुरक्षित है। हमारा तो यही। कहना है, समिति का संचालन करने का संवैधानिक अधिकार, अधयक्ष/महामंत्री/कोषाधयक्ष का चुनाव करवाया जाने का समिती के संविधान सुरक्षित है। और समिति का संचालन भी कैवल और केवल उनकी को है। अध्यक्ष कौन बनना, या कौन नही। यह अनिवार्यता नही है। दैखते है कि ऊँट किस करवट बैठता है?
Author: Gautam Ujala
CHHAGAN LAL BHARDWAJ, Chief Additor, Pali( Rajsthan) mo-95090 70217


